Blog or WordPress Page Speed क्या हैं

What is the speed of Blog or WordPress Page in blogging In Hindi [ब्लॉगिंग में ब्लॉग अथवा वर्डप्रैस की स्पीड क्या हैं

गूगल सर्च कंसोल अथवा वेबमास्टर एक तरह का टूल है जो कि वेबसाइट की परफॉर्मेंस को  समझने में मदद करता है. गूगल सर्च कंसोल किसी भी वेबसाइट के  ऑर्गेनिक ट्रैफिक की जानकारी देता है. साथ ही  साइट  से संबंधित कोई जानकारी जैसे एरर, पेनाल्टी और  कई तरह की परेशानियो की जानकारी भी देता हैं. जैसे जैसे जरूरत होती हैं गूगल अपनी एल्गोरिथम के साथ – साथ अपने वेबमास्टर में भी परिवर्तन करता रहता हैं ताकि वो अपने उपभोक्ता की हेल्प कर सके. आए दिन गूगल अपने वेबमास्टर में नये फीचर जोड़ रहा हैं जो कि किसी भी वेबसाइट की मॉनिटरिंग करने के लिए आवश्यक होते हैं. वैसे तो मार्केट में कई तरह के टूल होते हैं लेकिन उपभोक्ता भी गूगल पर ज्यादा विश्वास करता हैं.

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हाल ही में गूगल ने अपने ब्लॉग के जरिये यह जानकारी दी हैं कि उसने अपने नये सर्च कंसोल में स्पीड का एक नया पैरामीटर एन्हांसमेंट सेक्शन में जोड़ दिया हैं. यह एक बहुत ही जरूरी पैरामीटर हैं.

वेबसाइट में स्पीड का क्या मतलब हैं ?

जब भी कोई यूसर सर्च इंजिन पर अपना प्रश्न डालता हैं और अपनी पसंदीदा साइट को ओपन करता हैं वो साइट अपने ब्राउज़र पर खुलने में जितना समय लेती हैं उस समय को लोडिंग टाइम कहते हैं. जिस साइट का लोडिंग टाइम कम होता हैं वो साइट फास्ट ओपन होती हैं और यूसर कुछ क्षणों में भी अपनी जानकारी को प्राप्त कर लेता हैं.

ऐसे में अगर किसी साइट की स्पीड अच्छी नहीं हैं तो यूसर अपने आपको उस साइट पर रोक नहीं पाता और बेक का बटन दबाकर साइट से बाहर आ जाता हैं जिससे साइट का बाउन्स रेट खराब होने लगता हैं. और उस साइट का परफॉर्मेंस खराब हो जाता हैं और धीरे – धीरे वो साइट गूगल की नजरों में भी खराब हो जाती हैं जिससे उसकी सर्च इंजिन में पोज़िशन पीछे होती जाती हैं. जबकि उस साइट का डाटा सबसे ज्यादा अच्छा हैं, उसका एसईओ भी बहुत अच्छा हैं और उस साइट ने सभी रुल्स भी फॉलो किए हैं लेकिन इन सबके बावजूद उसकी स्पीड के कारण यूसर उस साइट से नाखुश हैं इसलिए उस साइट की वैल्यू गूगल की नजरों में भी कम हो जाती हैं.

वेबमास्टर में स्पीड एक नया पैरामीटर जोड़ा गया –

अब तक साइट को अपनी स्पीड के आंकलन के लिए दूसरे टूल का इस्तेमाल करना पड़ता था जिस पर भरोसा करना उतना सही नहीं था. ऐसे में साइट स्पीड की इम्पॉर्टेन्स को बढ़ाते हुये गूगल ने खुद ही स्पीड पैरामीटर को अपने वेबमास्टर के एनहान्समेंट सेक्शन में डाला.

कई साइट ओनर ने अपने वेबमास्टर में स्पीड पैरामीटर को देख भी लिया हैं. यह पैरामीटर लेफ्ट हैंडसाइड में एनहान्समेंट सेक्शन में एड किया गया हैं.

गूगल ने स्पष्ट किया हैं कि यह नया स्पीड पैरामीटर साइट की स्पीड से संबंधी गतिविधियों को अपने यूसर को बताएगा. साथ ही उन्हे सोल्यूशंस भी देगा जिससे वे अपनी साइट की स्पीड को बेहतर बना सके.

स्पीड पैरामीटर के फीचर

वेबमास्टर द्वारा साइट की स्पीड को तीन भागों में बांटा गया हैं. जिसमें फास्ट, मोडरेट एवं स्लो हैं. इन पैरामीटर की जांच यूसर के गूगल क्रोम के अनुभव पर की जाएगी जिसके लिए वेबमास्टर में एक ग्राफ प्राप्त होगा जिससे यह पता चलेगा कि साइट के कौनसे यूआरएल अथवा पोस्ट की कितनी स्पीड हैं, अर्थात क्या वे फास्ट में आते हैं ? क्या वे मोडरेट श्रेणी में हैं ? अथवा स्लो हैं.

स्लो एवं मोडरेट होने पर वेबसाइट ओनर उचित प्रयास कर अपनी साइट की स्पीड बेहतर बना सकते हैं और इसके बाद गूगल वेबमास्टर को इसकी जानकारी देकर अपनी साइट को स्लो से मोडरेट अथवा मोडरेट से फास्ट श्रेणी में करवा सकते हैं.

स्पीड एक बहुत महत्वपूर्ण बिन्दु हैं. गूगल का यह एनहान्समेंट बहुत ही उत्तम एवं जरूरी था.

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