Saturday , October 24 2020

What is Google EAT Algorithm Update 2019 In Hindi

गूगल EAT एल्गोरिथ्म अपडेट 2019 क्या हैं ? [ What is Google EAT, Full Form, Guideline]

गूगल समय-समय पर नई-नई एल्गोरिथ्म को लांच करता रहता है जिसके तहत गूगल का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि वह अपने यूजर को कम समय में ऑथेंटिक इंफॉर्मेशन प्रोवाइड कर सके . साथ ही अपने सर्च इंजन को इतना बेहतर बना सके कि यूजर को उसके जरिए एक सही वेबसाइट तक पहुंचने में आसानी हो . गूगल की सारी अपडेट यूजर एक्सपीरियंस को ध्यान में रखकर लाई जाती है परंतु इन एल्गोरिथ्म का सबसे अधिक असर  वेब साइट्स पर होता है या तो वेबसाइट्स की रैंकिंग बढ़ जाती है या बहुत ही ज्यादा कम हो जाती है इसलिए जरूरी है कि जो लोग वेबसाइट के लिए काम करते हैं, वे गूगल की नई-नई एल्गोरिथ्म के बारे में जाने. इस आर्टिकल में हम गूगल की नई  एल्गोरिथ्म गूगल EAT के बारे में बातचीत करेंगे.

google EAT

गूगल EAT अपडेट क्या है ?

सामान्यतः यह शब्द सुनकर ऐसा महसूस होता है कि यह कोई खाने की वस्तु है परंतु ऐसा नहीं है, यह एक ऐसा स्कोर  है जो कि गूगल द्वारा अपनी वेबसाइट को प्रोवाइड कराया जायेगा  जिसके जरिए उन वेबसाइट्स की परफॉर्मेंस गूगल सर्च इंजन पर और बेहतर होगी और  इस तरह गूगल यूजर को ऑथेंटिक एवं ट्रुथ फुल जानकारी देने वाली वेबसाइट प्रदान करेगा .

इस अपडेट के अंतर्गत गूगल वेबसाइट स्कोर देगा और जिन वेबसाइट्स का यह स्कोर अच्छा होगा, वे गूगल सर्च इंजन में अच्छा परफॉर्म करेंगी, परंतु वह कौन से फैक्टर हैं जिनको देखकर गूगल वेबसाइट को स्कोर देगा . यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण क्वेश्चन है .

EAT का फुलफॉर्म क्या हैं ?

E- Expertise

A-Authoritativeness

T-Trustworthiness

यह वही सभी पैरामीटर हैं जिनके जरिए गूगल वेबसाइट को स्कोर प्रोवाइड करेगा और जिनके जरिए यूजर को एक अच्छी साइट यूज करने का मौका मिलेगा .

एक्सपर्टीज क्या है ?

दोस्तों एक्सपर्टीज कोई नया शब्द नहीं है, सामान्यतः जब भी हमें कोई बीमारी होती है जैसे कि दांत का दर्द, तो हम कभी किसी आंख के डॉक्टर के पास नहीं जाते, हम दांत के डॉक्टर के पास ही जाते हैं याने की हम किसी Expert पर भरोसा करते हैं .

उसी तरह अगर किसी वेबसाइट पर कोई भी कंटेंट लिखा हुआ है तो वह अगर किसी Expert ने लिखा है तो वह कॉन्टेंट ज्यादा योग्य माना जाएगा . इस पैरामीटर के अंतर्गत गूगल अपनी वेबसाइट के ओनर को  यही बात बताना चाहता है कि जो भी आर्टिकल वह पोस्ट करता है, उसका एक्सपर्ट अगर उस आर्टिकल को लिखता है तो गूगल की नजरों में वह आर्टिकल की वैल्यू ज्यादा होगी जिसके लिए वेबसाइट में Author Section का होना जरुरी हैं जिसमे वह अपने Author की जानकारी लिख सके . साथ ही इस पेरामीटर के अंतर्गत गूगल यह भी कहता हैं कि वेबसाइट में About Us अथवा हमारे बारे में ऐसा पेज होना जरुरी हैं .

Authoritativeness क्या हैं ?

जो भी कंटेंट साइट द्वारा डाला जाता है, उस साइट को उस कंटेंट को डालने का एक उचित अधिकार होना चाहिए जैसे मेडिकल से संबंधी जानकारी कोई डॉक्टर अथवा इसी प्रोफेशन से जुड़े व्यक्ति द्वारा दी गई हो तो वो ज्यादा मान्य होगी .इसी को Authoritativeness कहा गया हैं .

Trustworthiness क्या हैं ?

साथ ही साइट पर   प्रोवाइड कराई जाने वाली जानकारी सच्ची होनी चाहिए जिस पर आपके रीडर भरोसा कर सके और आपकी साइट को बिना किसी झिझक के दूसरों को शेयर कर सकें साथ ही साईट की सिक्यूरिटी हाई लेवल की होनी चाहिये ताकि यूजर अगर किसी पेमेंट मोड का इस्तेमाल साईट पर करता हैं तो उसका बैंक संबंधी डाटा एवं उसका पर्सनल डाटा सिक्योर रहे . यही Trustworthiness के अंतर्गत आता हैं .

Your money or your life से संबंधित सभी साइट्स गूगल EAT  के दायरे में आएंगी जिसे YMYL भी कहते हैं .

क्या हैं YMYL का मतलब ?

जो साईट यूजर के लाइफ एवं उसके धन से संबंधी डाटा लिखती हैं और उस डाटा के जरिये यूज़र की लाइफ एवं उसकी मनी संबंधित डाटा लिखती हैं अथवा जानकारी लेती हैं और उन्हें इफ़ेक्ट पहुंचा सकती हैं वे सभी YMYL में शामिल हैं .

किस तरह के कंटेंट वाली साईट EAT  के अंतर्गत प्रभावित होंगी –

  • स्वास्थ से संबंधी साईट– वे सभी साईट जो कि स्वास्थ्य से संबंधित डाटा लिखती है जैसे किसी बीमारी के बारे में  जानकारी, उससे संबंधित इलाज अथवा किसी मेडिसिन के बारे में जानकारी या फिर उसके उपयोग के बारे में लिखती हैं तो  इस तरह की जानकारी रीडर के स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती हैं. अगर यह जानकारी सही नहीं है तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं इसीलिए गूगल इन साइट्स को YMYL के अंतर्गत शामिल करती है और अगर गूगल को यह लगता है कि यह सभी साइट फ्रॉड कर रही है तो गूगल इनके खिलाफ सेक्शन ले सकता है.
  • e-commerce वेबसाइट– ऐसी साइट जिनमें बिल भरने, खरीदी अथवा बिक्री जैसे कार्यों के लिए यूजर अपने अकाउंट की डिटेल डालता है या अपनी कोई पर्सनल डिटेल शेयर करता है तो इस तरह की साइट भी अगर सही नहीं लगती है तो गूगल इनके खिलाफ भी एक्शन ले सकता है, यह भी YMYL के अंतर्गत आती हैं
  • इसके अलावा गूगल ऐसी साइट जिन पर फाइनेंसियल  एडवाइस, टैक्स संबंधित जानकारी, इन्वेस्टमेंट रिटायरमेंट एवं लोन संबंधी जानकारी, बीमारी ,न्यूट्रिशन ,डाइट, हेल्थ संबंधित जानकारी, लीगल इनफार्मेशन संबंधी जानकारी जैसे डिवोर्स आदि के केस  और सरकारी कार्यक्रमों से जुड़ी जानकारी आती हैंवे सभी YMYL के अंतर्गत शामिल होंगी .

इसके आलावा भी सभी साईट पर EAT  का प्रभाव पड़ेगा क्यूंकि गूगल अपनी रेप्युटेशन के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता . आज के समय में सभी गूगल पर आने वाली इनफार्मेशन को सबसे अधिक महत्व देते हैं और गूगल को “गूगल देवता” जैसे शब्दों से पुकारते हैं . इसलिए जरुरी हैं गूगल अपने कंटेंट के साथ कोई रिस्क ना ले .

अगर यह सभी साईट EAT के रूल्स को फॉलो नहीं करती हैं तो गूगल इनको नकारात्मक मार्किंग दे सकता हैं जिससे इन साईट की रैंकिंग पर खास प्रभाव पड़ेगा इसलिए जरुरी हैं यह सभी साईट गूगल EAT के अल्गोरित्म को फॉलो करे और परेशानी से बचे .

Other Articles 

  1. What is Sitemap In Hindi
  2. What is Off Page SEO Techniques in Hindi
  3. Bounce Rate क्या है
  4. What is Plagiarism in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *