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What is Sitemap, How to Submit Sitemap to Google In Hindi

साइट मैप क्या है ? कैसे बनाये ? What is Sitemap, How to Submit Sitemap to Google In Hindi [Sitemap kaise banye , kaise submit kare, Types]

साइट मैप हमारी साइट का एक नक्शा होता है जो कि यह बताता है कि हमारी साइट पर किस तरह के टॉपिक मौजूद है और हमने इन्हे किस तरह से कैटिगराइज किया है । साइट मैप सर्च इंजन को हमारी साइट के बारे में सारी जानकारी देता है जो लोग अपना खुद की साइट चलाते हैं, उनके  उनके पास सवाल होते हैं कि साइटमैप क्या है और यह कैसे सबमिट किए जाते हैं ।

Sitemap kaise banye in Hindi

साइट मेप क्या हैं ?

सामान्यता  जो साइट मैप होते हैं, उनका काम गूगल सर्च इंजन की मदद करना होता है साइटमैप गूगल सर्च इंजन को यह बताते हैं कि किसी वेबसाइट में कितने पेज, कितने पोस्ट, कितनी इमेजेस एवं अन्य मीडिया फाइल मौजूद है । साथ ही साइट के कौन से पोस्ट रेगुलर अपडेट होते हैं । इस तरह की जानकारी से सर्च इंजन को किसी साइट को समझने में और उस साइट को क्राल करने में आसानी होती है ।

साइट मैप के क्या लाभ हैं ?

  1. साइटमैप किसी वेबसाइट का एक अहम हिस्सा मानी जाती है, इसका मुख्य संबंध किसी साइट के ऑन पेज SEO  से होता है।
  2. ऑन पेज SEO मे किसी वेबसाइट का साइटमैप गूगल सर्च इंजन को सबमिट किया जाता है ।  इससे  साइट  की ऑर्गेनिक पोजीशन बेहतर होती है, यह कहना मुश्किल हैं । पर इससे गूगल को साइट समझने, क्राल करने एवं इंडेक्सिंग करने में आसानी होती हैं ।
  3. पहले साइटमैप HTML कोडिंग के जरिए बनाए जाते थे और अब वही साइटमैप .XML फाइल में बनाए जाते हैं जिसमें किसी भी साइट की सारी जानकारी मौजूद होती है ।
  4. नए वैबसाइट के लिए साइटमेप बहुत ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं । क्यूंकि नये वेब पेज के बारे में गूगल को जानकारी नहीं होती।  अतः वो उसे आसानी से ढूंढ नहीं पाता और नहीं उसकी लिंक्स को क्राल कर पाता हैं और नहीं इंडेक्सिंग फास्ट कर पाता हैं । ऐसे में साइटमेप बहुत इंपोर्टेंट होते हैं ।
  5. जब भी हम अपनी साइट के किसी पेज को अपडेट करते हैं तो इसकी जानकारी भी साइट मेप के जरिये गूगल तक पहुँच जाती हैं जो कि यह बताती हैं कि हमारी साइट में अपडेट जानकारी होती हैं ।

साइटमैप दो प्रकार के होते हैं

  1. HTML साइटमैप
  2. XML साइटमैप

HTML साइटमैप क्या है ?

सामान्यतया यह साइट मेप रीडर की सहायता के लिए बनाया जाता था जिसके जरिए अगर आप किसी बड़ी वेबसाइट में जिस में अपार मात्रा में URL मौजूद होते हैं  और आप अपना कोई खास टॉपिक ढूंढना चाहते हैं तो आपको बड़ी ही मुसीबत होती है पर HTML साइट मैप के जरिए आप आसानी से अपने टॉपिक को ढूंढ सकते हैं । यह एक तरह का पोस्ट ही दिखाई देता हैं जिसमें साइट के सारे URL डाले जाते हैं ।

XML साइटमैप क्या है ं?

XML साइटमैप गूगल सर्च इंजन के लिए बनाए जाते हैं, इसे रीडर द्वारा समझ पाना इतना आसान नहीं होता परंतु मशीन इसे आसानी से समझ सकती है । इस साइट मैप के जरिए साइट ओनर अपनी साइट की इंटरनल एवं एक्सटर्नल लिंक दोनों ही प्रकार की लिंक को की जानकारी गूगल को देता है ।

XML साइटमैप के कुछ प्रकार होते हैं जैसे

वीडियो साइट मैप

साइट ओनर अगर अपनी साइट में विभिन्न प्रकार के वीडियो डालता है तो एक वीडियो साइटमैप बना सकता है जिससे वह गूगल को अपने वीडियो के बारे में जानकारी देता है और वह चाहे तो बने हुए साइटमैप में भी वीडियो की जानकारी दे सकता है इससे वीडियो की विजिबिलिटी बढ़ जाती है ।

इमेज साइटमैप

सभी साइट ओनर अपने पोस्ट में अलग-अलग तरह की इमेजेस डालते हैं और वे चाहते हैं कि सर्च इंजन में इमेज भी रेंक करें, उसके लिए इमेज  की जानकारी साइटमैप में डालने से उसकी भी विजिबिलिटी बढ़ाई जा सकती है ।

साइटमैप को वैलिडेट कैसे करें ?

साइटमैप की कोडिंग करते वक्त उसमें एरर का आना एक आम बात है । परंतु हम यह चाहते हैं कि हम अपने साइट मेप को सबमीट करने से पहले सारी त्रुटियों को खत्म कर दें, इसके लिए हम साइटमैप को विभिन्न प्रकार के टूल के जरिए जांच सकते हैं ।  परंतु उन सभी टूल के अलावा गूगल वेबमास्टर टूल का इस्तेमाल करना ज्यादा सही है । गूगल वेबमास्टर में ऐड टेस्ट साइट मेप बटन को क्लिक करके हम अपने साइट मेप को सबमिट कर सकते हैं और उसकी एरर को देख सकते हैं । अगर हमारा साइटमेप एरर फ्री है तो हम उसे गूगल के लिए सबमिट कर सकते है ।

सर्च इंजन को साइट मैप की जानकारी देना

 अगर हमारे साइट मेप मे किसी भी तरह की कोई गलती नहीं है ।  उसका कोड बिल्कुल सही है और वह वैलिडेट भी हो चुका है, तो हम साइटमेप की जानकारी गूगल सर्च इंजन को दे सकते हैं । इसके लिए हमें अपने गूगल आईडी पर लॉगइन करना होगा । इसके बाद गूगल वेबमास्टर में हम ऐड साइटमैप की बटन पर क्लिक करके अपने साइट मेपके  URL को डाल सकते हैं।

साइटमैप कैसे बनाया जाता है ?

  1. साइटमैप बनाने के लिए .xml फाइल बनाना जरूरी है।
  2. सबसे पहले एक Doc फाइल बनाई जाती है जिसे .xml फॉर्मेट में सेव किया जाता है।
  3. फिर कोडिंग की मदद से सर्च इंजन को साइटमैप की जानकारी दी जाती है जिसके लिए स्क्रिप्ट्स का उपयोग किया जाता है साइटमेप बनाने के लिए इसमें सामान प्रकार के URL को एक साथ रखा जाता है और इस तरह साइटमैप का डाटा तैयार कर उसे सबमिट किया जाता है ।
  4. साइट मैप में लास्टमोडिफाइड डेट दिखाई जाती है जिससे उन्हें गूगल को मॉडिफाई होने वाले पेज पोस्ट, वीडियो अथवा इमेजेस की जानकारी देता है ।
  5. साइटमैप को रूट डायरेक्टरी में ही ऐड किया जाता है और इसके लिए कई तरह की सावधानी रखी जाती है जैसे URL की लंबाई, URL की संख्या आदि ।

साइटमैप किसी भी तरह की साइट के लिए बहुत ही जरूरी होता है इससे किसी भी साइट की विजुअलिटी बढ़ती है क्योंकि सर्च इंजन को साइट की वर्तमान स्थिति पता चलती रहती है जैसे कि इसमें कौन से नए पोस्ट डालें, कौन से पुराने पोस्ट अपडेट हुए और किस पोस्ट में कितनी इमेजेस हैं । साथ ही अगर वीडियो भी डाले जा रहे हैं तो उसकी जानकारी भी आसानी से गूगल सर्च इंजन को मिलती है, जिसका फायदा साइट को मिलता है इसलिए अपनी साइट  के लिए साइटमेप जरूर बनाएं और उन्हें सर्च इंजन में सबमिट करे।

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