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What is Keyword in SEO Hindi

Keyword Importance in SEO In Hindi(Keyword Stuffing, Keyword Research Tools, Keyword Density, Meta, Title)

SEO में कीवर्ड का बहुत बड़ा खेल है, कीवर्ड के द्वारा ही किसी भी साईट में ट्रैफिक आता है. एक सही कीवर्ड से आपकी पूरी साईट चल सकती है, और लाखों रूपये कमाये जा सकते है. अगर कोई ब्लॉगर अपनी साईट या ब्लॉग के लिए सही कीवर्ड ढूंढ लेता है तो वो बहुत जल्द अच्छी रैंक प्राप्त कर सकता है. SEO की शुरुवात में ही किसी भी ब्लॉगर को कीवर्ड का ज्ञान जरुर दिया जाता है, इसलिए कीवर्ड वो पहली चीज हैं जो नए ब्लॉगर को SEO के अनुसार साईट बनाने के लिए सीखना चाहिए. आज हम आपको कीवर्ड के बारे में बहुत ही आसान शब्दों में बताएँगे, जिससे कोई भी नया इन्सान जो अपना ब्लॉग शुरू करे उसे कीवर्ड अच्छे से समझ आ जाये.

Keyword Importance in SEO In Hindi

कीवर्ड क्या होता है (What is Keyword in SEO)

कीवर्ड एक तरह का टॉपिक, टाइटल है जिससे आपके Content के बारे में पता चलता है. SEO में ये वर्ड्स या Phrases होते है, जो सर्च इंजिन में सर्च किये जाते है, इन्हें Search Queries  भी कहते है. ये वर्ड्स या Phrases के द्वारा ही यूजर आपकी साईट में पहुँचता है. कीवर्ड SEO के मुख्य तत्वों में से एक हैं.

ब्लॉगर और राइटर को कीवर्ड का ज्ञान होना बहुत जरुरी है, उसे पता होना चाहिए किस टॉपिक के लिए यूजर किस कीवर्ड से सर्च करेंगें. अगर वो कीवर्ड आपके आर्टिकल में रहेगा तो यूजर आपकी साईट में आयेगा, नहीं तो कई और हजारों साइट्स है जहाँ वो जा सकता है.

अगर आप कुछ समय से ब्लॉगिंग करते आ रहे है तो यह आप अच्छी तरह से समझते होंगे कि आपकी साईट में अधिकतम ट्रैफिक कुछ गिने चुने पोस्ट से ही आता है. ये गिने चुने पोस्ट गूगल सर्च इंजिन में अच्छी रैंक प्राप्त करते है, रैंक प्राप्त करने का रीज़न है कि इन पोस्ट में वो कीवर्ड है जिसका सर्च वॉल्यूम ज्यादा है, वो कीवर्ड यूजर द्वारा ज्यादा सर्च किये जा रहे है, जिसके द्वारा वो आपकी साईट में पहुँच रहे है. 

Keywords types –

  • Short Tail Keywords – इसमें 2 से 3 वर्ड्स ही आते है, यह छोटे कीवर्ड कहलाते है. जैसे – Online Job, work from home, SEO tips etc. छोटे कीवर्ड साईट के लिए उतने अच्छे नहीं होते है, विशेषज्ञ इनका कम उपयोग करने की सलाह देते है.
  • Long Tail Keywords – 3 या उससे अधिक वर्ड्स जिसमें हो, उसे Long Tail Keywords कहते है. ये ज्यादा अच्छे होते है, इनसे ज्यादा फायदा होता है. Long Tail Keywords से साईट में अधिक ट्रैफिक आने के चांस होते है, जिससे साईट के गूगल फर्स्ट पेज पर रैंकिंग के चांस अधिक हो जाते है. Long Tail Keywords से यूजर की Query क्लियर समझ आती है. जैसे अलग वो Shopping सर्च करता है, तो समझना मुश्किल है कि किस तरह की शौपिंग की बात कर रहा है. लेकिन अगर सर्च इंजिन में Online Clothing Shopping in India डाला जायेगा तो ये ज्यादा स्पेसिफिक होगा. Long Tail Keywords के लिए आपके Competitor कम रहेंगें, जिससे साईट में ट्रैफिक आने का चांस बढ़ जायेगा.

बहुत से ब्लॉगर डायरेक्ट कीवर्ड को टारगेट करते है, यह गलत है. Long Tail Keywords को टारगेट करना बहुत जरुरी है. जितना छोटा कीवर्ड होगा उसका सर्च वॉल्यूम उतना कम होगा. आप किसी भी Niche में काम करते हो, आपके अपने ब्लॉग में Long Tail Keywords सर्च करके डालना होगा.

कीवर्ड की क्या महत्ता है एसइओ में (Keywords Importance)

  • 2012 में गूगल Algorithm अलग थी, तबी किसी भी ब्लॉग या वेब पेज बनाते समय ब्लॉगर को Target Keyword बताना जरुरी होता था. जिसे Meta-Keyword भी कहा गया. 2017 के आते आते गूगल Algorithm में बदलाव हो गए और Meta-Keyword की कोई उपयोग का नहीं रह गया. Search Engine Algorithm अपडेट हो गई, जो कीवर्ड को ऑटो सर्च करके, पेज को आटोमेटिक रैंकिंग देने लगी.
  • गूगल ने अपनी अपडेट में यह क्लियर किया था कि वो Meta-Keyword के आधार पर कीवर्ड सेलेक्ट नहीं करता, क्यूंकि ये किसी के उपयोग का नहीं है.
  • कीवर्ड आपकी साईट और यूजर के बीच कनेक्शन का काम करता है, अगर कीवर्ड न हो तो यूजर आपकी साईट तक पहुँच ही नहीं पायेगा. कीवर्ड यूजर को साईट तक पहुँचाने का रास्ता दिखाता है.
  • हर किसी ब्लॉगर का लक्ष्य होता है कि वो गूगल सर्च इंजिन रिजल्ट में टॉप रैंक प्राप्त करे. सर्च इंजिन में रैंक प्राप्त कर आपकी साईट में Organic Traffic आएगा, यह Search Engine Result Pages (SERPs) द्वारा आता है. जिस तरह का कीवर्ड आप टारगेट करेंगें, उर तरह का ट्रैफिक आपकी साईट में आएगा.
  • Content बनाते समय ब्लॉगर को अपने विजिटर की जरूरतों को ध्यान में रखना होगा, ब्लॉगर को इस बात का ज्ञान होना चाहिये कि किस तरह की भाषा वे पढना पसंद करते, किस तरह का कंटेंट पसंद किया जाता है आदि. एक बार अगर आप विजिटर की जरुरत को समझ गए तो आपके लिए साईट में कंटेंट बनाना आसान हो जायेगा, और आप अधिक से अधिक ट्रैफिक अपनी साईट में ला सकेंगें. इसके लिए आपको रिसर्च में समय देना होगा, कस्टमर से बात करनी होगी, दुसरे आर्टिकल फोरम को ध्यान से पढना होगा, जिससे आप समझ सको वो कैसे कीवर्ड का उपयोग करते है. आप मार्किट में उपलब्ध कीवर्ड टूल के द्वारा भी कीवर्ड रिसर्च कर सकते है.

कीवर्ड रिसर्च कैसे करें (How to do Keyword Research)

  • ऑनलाइन टूल्स के द्वारा (Online Tools) कीवर्ड रिसर्च मतलब अपने पोस्ट के लिए सही कीवर्ड पता करना. SEO की नजर में यह बहुत मुख्य स्टेप है, इसके द्वारा आप कम समय में अपने ब्लॉग/साईट को गूगल में अच्छी रैंक दिला सकते है, जिससे आपके पास अच्छा पैसा भी आने लगेगा. आज के समय बहुत सारे तरीके है, जिनके द्वारा कीवर्ड रिसर्च की जा सकती है. बहुत से टूल्स भी है, जिनके द्वारा आप अपने प्रतियोगी साईट के टॉप पोस्ट के टॉप कीवर्ड पता कर सकते है. आपको बस अपनी Niche के टॉप साईट सर्च करनी होगी, फिर उस डोमेन को आप टूल्स में डालेंगें तो आप उस साईट के टॉप पोस्ट और टॉप कीवर्ड पता कर सकते है. इससे आपको अंदाजा हो जायेगा कि आपको किस तरह के कीवर्ड अपनी साईट में ऐड करना है
  • गूगल सर्च द्वारा (Through Google Search) ये सबसे कॉमन और आसान तरीका है. गूगल सर्च के द्वारा आप टारगेट कीवर्ड पता कर सकते है. जब भी आप गूगल सर्च इंजिन में कुछ टाइप करते है तो गूगल आपको उसके हिसाब से सुझाव देगा. आप इस तरीके से सभी कीवर्ड की एक लिस्ट बना सकते है. आप Google’s Keyword Planner की मदद से यह भी पता कर सकते है कि इन कीवर्ड्स का सर्च वॉल्यूम कितना है, उसके अनुसार आप इन कीवर्ड्स का प्रयोग अपने ब्लॉग में कर सकते है. सारे कीवर्ड पता हो जाने के बाद, आपका टास्क होगा कि आप इन टारगेट कीवर्ड को जोड़ते हुए SEO Optimized आर्टिकल लिखें.   

Keyword Density –

  • SEO Expert के अनुसार किसी भी आर्टिकल का मुख्य कीवर्ड उसके पुरे ब्लॉग में 2% से ज्यादा नहीं होना चाहिए. किसी भी ब्लॉगर को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इसे Keyword Density कहते है.
  • किसी भी ब्लॉग में एक से अधिक कीवर्ड को टारगेट किया जा सकता है, लेकिन विशेषज्ञ कहते है कि टारगेट कीवर्ड 3 से अधिक नहीं होना चाहिए, क्यूंकि अगर आपका आर्टिकल हाई क्वालिटी का है तो आपको Long Tail Keywords के लिए अच्छी रैंक भी मिल जाएगी.

Keyword Stuffing

किसी भी कीवर्ड को टारगेट करना जरुरी होता है, लेकिन अपने पोस्ट में जबरदस्ती Keyword Stuffing गलत है. Keyword Stuffing मतलब पेज में कीवर्ड का अत्यधिक प्रयोग किया जा रहा है. इससे आपके पेज की रैंकिंग में भी बहुत फर्क पड़ेगा.

अगर किसी पोस्ट में कीवर्ड का अत्यधिक प्रयोग किया जाता है तो गूगल उसे स्पैम समझने लगता है. गूगल को लगता है कि आप सिस्टम को ट्रिक कर रहे है, गूगल आपको इसके लिए दंड भी कर सकता है. इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए आप अपने ब्लॉग में कीवर्ड संख्या पर विशेष ध्यान दें.

Title, Meta Description –

टारगेट कीवर्ड को टाइटल में जोड़ना बहुत जरुरी होता है, क्युकी गूगल इस टाइटल को By default यह टाइटल सर्च इंजिन में टाइटल की तरह शो होगा, इसे मेटा टाइटल (Meta Title) भी कहते है.  

टाइटल के नीचे Meta Description भी लिखा जाता है, इसे लिखने से सर्च इंजिन में जब आपकी साईट दिखती है, तो नीचे Meta Description दिखाई देता है, जिससे यूजर को टॉपिक के बारे में और जानकारी मिलती है. Meta Description में कीवर्ड भी जरुर लिखने चाहिए, इससे पेज/पोस्ट को और अधिक लाभ होता है.

SEO friendly आर्टिकल बनाने के लिए H2 and H3 टैग्स का भी प्रयोग क्या जा सकता है. WordPress में आर्टिकल का टाइटल by डिफ़ॉल्ट H1 होता है. लेकिन अत्यधिक हैडिंग टैग्स का भी प्रयोग गलत है, क्यूंकि कीवर्ड स्टफ हैडिंग और बहुत सारी हैडिंग टैग से साईट में नेगेटिव प्रभाव पड़ता है.

Keywords vs Query

SEO में कीवर्ड और क्वेरी में अंतर होता है. Query यूजर से रिलेटेड होती है, सर्च इंजिन में यूजर जो लिखता है वेब में सर्च करने के लिए उसे Query कहते है. यूजर किसी भी सर्च इंजिन का प्रयोग कर, उसे जो चाहिए होता है वो लिखता है. जैसे अगर यूजर शू खरीदने है तो लिखेगा

यूजर जो भी लिखता है उसे Query कहते है.

Keywords

कीवर्ड स्पेसिफिक वर्ड है जो यूजर को वेब में देखता है. उपर के उदहारण में यूजर शू (Shoe) के बारे में जानकारी चाहता है. ब्लॉगर को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यूजर किस तरह से सर्च करता है.

यूजर को कीवर्ड के बारे में जानकारी नहीं होती है, वो बस वही टाइप करता है जो उसे चाहिए. ब्लॉगर कीवर्ड को टारगेट करता है. लेकिन ब्लॉगर को अच्छे से कीवर्ड के साथ क्वेरी भी रिसर्च करना चाहिए.

कीवर्ड से जुडी सारी जानकारी हमने आपको दी है, इसके अलावा अगर आप कुछ जानकारी चाहते है तो हारे कमेंट बॉक्स में कमेंट करें. SEO आर्टिकल बनाने से पहले आपको कीवर्ड कि ये सभी जानकरी अच्छे से पता होनी चाहिए, तभी आप सर्च इंजिन में रैंकिंग प्राप्त कर सकते है.

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