Internal Linking क्या है और यह SEO में क्यों जरुरी है?

दोस्तों क्या आपने कभी अपने Blog के लिए Internal Linking की है? क्या आप जानते है की Internal Linking न करने से आपके Blog को कितना नुकसान हो सकता है? यदि नहीं, तो इसके लिए पहले आपको ये जानना होगा की Internal Linking kya hai और यह SEO में क्यों जरुरी है?

Internal Linking को पूरे World Wide में Bloggers द्वारा 99% Use किया जाता है | है न ये हैरानी की बात! Internal Linking का ज्यादा इस्तेमाल इसलिए करते है क्योकि यह SEO के लिए बहुत Important होता है | बाकि के 1% Bloggers वे होते है जिन्होंने New Blog start ही किया होता है और उन्हें Internal Linking के बारे में जानकारी नहीं होती है |

Internal Linking kya hai
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जो Bloggers पहले से ही Blogging करते आ रहे है वो Internal Linking के बारे में अच्छे से जानते होंगे लेकिन जिन्होंने अभी अभी Blog लिखना Start किया है तो उनको मै Internal Linking के बारे में बता दूँ की Internal Linking On Page SEO के अंतर्गत आती है इसके जरिये आप अपने Blog को Google के Search Engine में Top पर Rank करवा सकते है | 

क्या आप भी चाहते है की आपका Blog Google के Search Engine Result Page(SERPs)में First Page पर Rank करे?अगर हाँ, तो मै इस Article में आपको Internal Linking के बारे में पूरी जानकारी दूँगा जिसके द्वारा आप भी अपने Blog को SERPs के First Page पर Rank करा सकेंगे | ये Article आपके लिए बहुत Useful होने वाला है तो इसके एक भी Point को miss मत करना | तो चलिए start करते है की Internal Linking क्या होता है?(Internal Linking kya hota hai)

Internal Linking क्या है? (What Is Internal Linking In Hindi)

Internal Linking, अपनी Website के एक Blog Post में कोई Article लिखते समय उस Topic से Related Topic का Link अपने दूसरे Blog Post से देते है तो इसे ही Internal Linking कहा जाता है | Internal Linking को Hyperlinking भी कहते है। 

दोस्तों क्या आपको पता है की Google का Search Engine आपके Website तक कैसे पहुँचता है?नहीं, तो मै आपको बताता हूँ अगर आपके Website के Pages या Posts अपनी ही website या किसी अन्य Website के Blog से Linked होते है तो Google को इसे खोजने में आसानी होती है | 

Internal Links को Website की Strategy बनाने के लिए मुख्य रूप से काम में लाया जाता है | इससे आपकी Website का एक Blog अपने दूसरे Blog से Connected रहता है और आपके Visitors आपकी Internal Link के द्वारा आप ही Website के अलग अलग post को use करते जाते है जिससे आपके Visitors आपके Blog पर ज्यादा से ज्यादा टाइम के लिए रुकते है | 

गौर करने वाली बात ये भी है की अगर आपने अपने Website का On Page SEO अच्छे से किया है तो आपकी वेबसाइट जल्दी ही Google के Search Engine में Rank करने लगती है | 

SEO में Internal Linking क्यों जरुरी है?

जैसे की अभी आपने जाना की Internal linking क्या होता है?क्या आपने कभी सोचा है की Internal Linking SEO में क्यों जरुरी होते है?

दोस्तों क्या आपके साथ ऐसा होता है की आपके Blog से Visitors जल्दी ही चले जाते है? और क्या आप चाहते है की ऐसा ना हो आपके Visitors ज्यादा से ज्यादा Time के लिए आपके Blog पर रुके?यदि हाँ, तो उसके लिए आपको सबसे पहले ये जानना होगा Google का search engine काम कैसे करता है? 

किसी भी New Content को Google Internal Linking द्वारा ही खोजता है | जैसे आपने कोई new Blog Post अपने Website पर डाला और इसमें कोई भी Internal Linking नहीं दी तो आपका ये Post किसी काम का नहीं होता है क्योकि इसमें एक भी Internal Linking नहीं होती है | Google के Crawler आपकी Website को search नहीं कर पाते है |  

Google के अनुसार, यदि आपके New Webpage में आपके किसी topic से matching करता गए कोई आपके दूसरे WebPage का link होता है तो इससे Google के Crawler आपके पुराने WebPage से होते हुए आपके New WebPage पर आते है जो Google search engine में पहले से listed होते है | Internal Linking आपके Webpage और Google के search इंजन के बीच की कड़ी होती है |   

Internal Linking कैसे करें: 8 Easy Ways

क्या आपने पहले कभी Internal Linking की है? क्या आप जानते है की Internal Linking कैसे करते है?और internal linking क्या है? अगर नहीं, तो यहाँ मै आपको 8 ऐसे तरीके बताऊंगा जिससे आप easily Internal Linking कर पाएंगे | 

1. Reader की सुविधा अनुसार ही Internal Linking करें

हमेशा अपने Content को Reader के Interest के according बनाये | ये Analysis करे की आपके Readers को आपका Article पसंद आ रहा है या नहीं उन्हें आपके Article में कौन सा topic ज्यादा Interesting लग रहा है | अगर आपने Readers के Experience को अच्छे से Analysis किया तो आपको इससे अच्छा Benefit हो सकता है | 

अब आप सोच रहे होंगे की आपको किस प्रकार इससे Benefit होगा? मै आपको बताता हूँ जब आप कोई New Blog Post लिख रहे हो तब आप उस  topic से मिलते हुए topic की जगह अपने ही दूसरे Blog Post का Link दे सकते है इससे आपका Readers आपके Internal Linking द्वारा आप ही के Blog के ज्यादा से ज्यादा pages को Read करेंगे जिससे वो आपके Blog पर ज्यादा time spend करेंगे | 

2. अपनी Website के Structure के अनुसार ही Internal Linking करें

जब आप अपने Website का Off Page SEO करते है तो उसमे ये जरूर ध्यान दे कि वो एक Structure के According हो तभी Google के Crawlers आपके Website के Web Pages को ज्यादा Search कर पाएंगे | जिस Topic को आपने अपने Website के Blog Post को लिखने के लिए Decide किया है तो उसे एक Structure के अनुसार ही Post करे | 

जैसे Website का Structure में सबसे पहले Homepage आता है उसके बाद Important Pages (Almond Widgets, Blue Widgets और Cyan Widgets) आते है उसके बाद आपका Post आता है | 

3. Website के कुछ Pages को ज्यादा Internal Linking दें

क्या आपको Idea है की ज्यादातर Bloggers अपने Website के कुछ Pages को ज्यादा Internal Linking देते है? ऐसा क्यों? अगर नहीं जानते तो मै  आपको बताता हूँ ऐसा वो इसलिए करते है क्योकि Website के कुछ Important Pages जैसे Home Page SEO के लिए बहुत जरुरी होता है अगर आप अपने Homepage या other Pages में Internal Linking ज्यादा देते है तो इससे आपके Readers और Google के Crawlers आपकी Internal Link के जरिये आपके Website के अलग अलग Web Pages तक आसानी से पहुंच पाते है | 

अगर आप New Blogger है तो आप भी अपनी Website के कुछ Pages को ज्यादा Internal Linking दे लेकिन ये जरूर ध्यान रखे की आपकी Internal Linking जरुरत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए | अगर Internal Linking ज्यादा हुई तो इससे आपके Readers पर अच्छा effect नहीं जायेगा और आपका Blog उनके सामने ऐसा लगेगा जैसे की आपने Internal Linking की Stuffing की है |

4. एक ही Topic पर लिखे Posts को आपस में link करें

Google के Search Engine Result Page(SERPs) के First Page में अपने Website को Ranking में लाने के लिए आपको अपने Post का On Page SEO अच्छे से करना होगा | जब आप कोई New Blog Post लिख रहे हो तो उस post में अपने topic से Related topic की जगह अपने दूसरे Post का ही Link दे किसी other topic का link नहीं दे | 

यदि आपको Blogging करते हुए ज्यादा time हो गया तो आप अपने old Blog का Link भी दे सकते है लेकिन ये ध्यान रहे कि वो आपके Topic से match करता हो | एक ही Topic पर लिखे Posts को आपस में Link करने से आपके Blog के Rank करने के Chances बढ़ जाते है |  

5. श्रेणीबद्ध तरीके से Website के Pages को आपस में Internal Link करें

Website के Pages को आपस में Internal Link करने का एक तरीका कुछ इस प्रकार होता है जैसे सबसे पहले आपके Website का Homepage आता है उसके बाद Category 1 और Category 2 फिर आपकी Post आती है | Pages को आपस में Internal Linking करने के लिए Firstpost को Second Post में, second Post को Third Post में, Third Post को Fourth Post में, Fourth Post को Firstpost में Link करना होता है | 

6. एक ही पोस्ट या पेज पर ज्यादा लिंक को add न करे

जैसे कि मैने ऊपर बताया की Internal Linking kya hota hai? इसलिए आपको कभी भी एक ही Post या Page पर ज्यादा Link को add नहीं करना चाहिए |

 एक ही Page पर ज्यादा लिंक add करने से आपके Readers confuse हो जायेंगे कि कौन से topic से उन्हें सही Information मिलेगी? जिसका परिणाम ये होगा की correct जानकारी न मिलने की वजह से आपके Readers जल्दी ही आपके Blog से चले जायेंगे | 

क्या आप जानते है कि एक Post या Page पर कितने Links Add किये जा सकते है? यदि नहीं तो मै आपको बताता हूँ एक Post या Page में आप लगभग 10 से 15 Internal Links को add कर सकते है |         

7. Internal Broken Links को हटाएँ

क्या आपने कभी Broken Linking के बारे में सुना है? नहीं, तो मैं आपको बताता हूँ जैसे की आपको नाम से पता चल रहा होगा की Broken Links मतलब ऐसी “links” जो “Broke” हो चुकी है काम नहीं कर रही है | Broken Links में 404 Error Not Found show होता है |

अगर आपने अपनी Website के किसी Blog Post में कोई Page Link किया हो और कुछ समय बाद हटा दिया हो तो उस Blog Post के Page में जो Link आपने लगायी होती है वो Broke हो जाती है और इसे ही Broken Link कहते है | 

जब आपके Visitors और Google के Search Engine Bots को ये 404 Error Not Found show होता है तो SEO के नजरिए से आपके Website का गलत Impact जाता है जो आपकी Website के लिए अच्छा नहीं होता है इसलिए Internal Broken Links को जरूर हटाएँ |       

8. Keyword Anchor Text में Internal Link को Add करें

जब आप ये Decide कर लेते है की आपको किस Topic पर कौन सी Internal Link लगानी है तो जिस Blog Post के Paragarph में आपको इस प्रकार से Keyword Anchor Text add करने होते है की वो Anchor Text आपके दूसरे Blog Post के Title से match करते हो जिससे आपके Visitors easily उस पर click कर ले |    

Internal Linking के फायदे

SEO के Point view से Internal Linking बहुत Important है साथ ही साथ Internal Linking से Blogger को काफी फायदे होते है | 

  • Internal Linking आपके Website के Blog Post का विस्तार करने के लिए बहुत काम आता है |  
  • Internal Linking से आप अपने Page के Views को बढ़ा सकते है | 
  • Internal Linking से आप अपने Pages के Rank Increase कर सकते है | 
  • Internal Linking के जरिये आप अपने Visitors को अपने Blog Post पर ज्यादा time के लिए रोक सकते है |  
  • Internal Linking Google के Crawlers को आपके Website को search करने में help करता है | 

Internal Linking or External Linking में अंतर

Internal Linking और External Linking को लेकर new Bloggers को थोड़ी Confusion रहती है | जैसे की मैने आपको पहले भी इस Article में बताया है की Internal Linking क्या होता है?(Internal Linking Kya Hota Hai) 

Internal LinkingExternal Linking
जब किसी एक Website के एक Page में उसी Website के दूसरे Pages का Link देते हैं तो उसे Internal Linking कहते है।जब दूसरी Website के Page का Link अपनी Website के Page में दिया जाता है तो उसे External Linking कहते हैं।
Internal Linking करने से अपनी Website की Ranking Search Engine में बढ़ती है।External Linking करने से दूसरी Website की Ranking Search Engine में बढ़ती है।
Internal Linking Totally Free होती है।External Linking Paid और Free दोनों तरह की होती है।
इन्हे Inbound Linking भी कहा जाता है।इन्हे Outbound Linking भी कहा जाता है।
Internal Linking एक Domain से Related होती हैं।External Linking दूसरे Domain वाली Websites से Related होती हैं।

निष्कर्ष: Internal Linking क्या है?

जब आप अपने Blog Post में कोई Topic लिखते है और उस topic की जगह same topic से मिलते हुए अपने दूसरे Blog Post का Link देते है उसे Internal Linking कहते है | 

इस Article में आपने जाना की SEO में Internal Linking kya hai और यह क्यों जरुरी है? और आपको मैने 8 ऐसे Easy Ways बताए है जिससे आप आसानी से Internal Linking कर सकेंगे जैसे Reader की सुविधा अनुसार ही Internal Linking करे, अपनी Website के Structure के अनुसार ही Internal Linking करें,  Website के कुछ Pages को ज्यादा Internal Linking दें,  एक ही Topic पर लिखे Posts को आपस में link करें,  श्रेणीबद्ध तरीके से Website के Pages को आपस में Internal Link करें,  एक ही पोस्ट या पेज पर ज्यादा लिंक को add न करे,  Internal Broken Links को हटाएँ,  Keyword Anchor Text में Internal Link को Add करें | और मैने आपको बताया की Internal Linking के क्या क्या फायदे है?

आखिर में Internal Linking or External Linking में क्या difference है? इस Article में मैने आपको Internal Linking के बारे में पूरी Details देने की कोशिश की है |

FAQ: Internal Linking क्या है?

बहुत से Bloggers को Internal Linking को लेकर अभी भी काफी Confusion है | मै यहाँ Internal Linking से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण Questions के जबाब देने की पूरी कोशिश करूँगा |

Q1. HTML में Internal linking को कैसे add करते हैं?

Ans. HTML में Internal Linking को Add करने के लिए सबसे पहले आपको ये decide करना होगा आपको अपने Website के किस Page के Paragraph को link करना है उसके लिए आप URL को Last Paragraph की ID से बदले जैसे 

<a href = “#Link1″> My Link</a>

यहाँ href की जगह आपकी दूसरे Webpage का नाम होता है जहां My Link पर click करने पर Visitors को  Link पर Navigate कर देता है इसमें # का मतलब होता है की आपने Link को किस time बनाया | 

<a name = “Link1″> my link starts here </a>

इस प्रकार कोई भी Visitor आपकी link पर click करके पहुंच जायेगा |

Q2. Internal linking की opportunities को अपनी website में कैसे ढूंढ सकते हैं?

Ans. काफी Bloggers (Specially New Bloggers) को अपनी Websites में ठीक से Internal Linking की opportunities ढूंढ़ना नहीं आता है | Internal Linking opportunities को आप 2 प्रकार से पता कर सकते है First होता है Manually और second होता है Tools के जरिये | Manually में आप Ctrl+F करके one by one Pages में जा कर search कर सकते है और Tools में आप किसी Plugins को Install करके उसमे search कर सकते है |

Q3. No follow internal linking को कैसे add करें?

Ans. No follow internal linking को आप Plugins के द्वारा add कर सकते है | WordPress.org में No follow internal linking को add करने के लिए बहुत से Plugins available है | WordPress.org में UitimateNofollow Plugin सबसे अच्छा होता है | Plugin को active करके text पर link को add करे वह  आपको एक Pencil Icon show होगा उस पर click करे उसके बाद Gear Icon open करते ही एक Pop-up Box खुल जाएगा | उस Box में आपको एक Checkbox दिखाई देगा -rel = nofollow फिर आपको Add link पर click करना है | Add Link पर click करते ही आपका Dofollow link Nofollow link में Convert हो जायेगा |

इसे भी पढ़े ;

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